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हिंदी के प्रमुख अखबार प्रभात ख़बर के संपादक आशुतोष चतुर्वेदी और अन्य लोगों के खिलाफ जेल में बंद शराब कारोबारी जोगेंद्र तिवारी की शिकायत पर मामला दर्ज हो गया है. जोगेंद्र तिवारी फिलहाल रांची जेल में बंद है. वह शराब, जमीन और बालू कारोबारी है. उस पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप हैं.
ये पूरा मामला तिवारी के खिलाफ प्रभात ख़बर में प्रकाशित एक ख़बर के बाद शुरू हुआ. जानकारी के मुताबिक, अखबार ने 28 दिसंबर को प्रवर्तन निदेशालय की चार्जशीट को आधार बनाकर शराब माफिया तिवारी के खिलाफ एक ख़बर प्रकाशित की. जिसमें बताया गया कि तिवारी की दो पत्नियां हैं और उसने कैसे अवैध रूप से बालू बेचकर कमाई की. साथ ही अपनी अवैध कमाई को शराब के कारोबार में लगाया.
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ख़बर छपने के बाद, 29 दिसंबर की सुबह अखबार के संपादक आशुतोष चतुर्वेदी को कथित तौर पर जेल में बंद तिवारी की ओर से धमकियां मिली. जिसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई. पुलिस ने मामला दर्ज कर इसे जांच के लिए सीआईडी को सौंप दिया. अभी मामले की जांच की जा रही है.
धमकी के बाद समर्थन में आए थे कई प्रेस संगठन
प्रभात ख़बर के संपादक को धमकी मिलने के बाद कई प्रेस संगठनों ने बयान जारी कर समर्थन जताया था. साथ ही इस पूरे मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की. एडिटर्स गिल्ड ऑफ इंडिया इस मामले में बयान जारी किया. साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री से तत्काल संज्ञान लेने की मांग करते हुए पत्रकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की.
एडिटर्स गिल्ड ने जारी बयान में कहा, “एक वरिष्ठ पत्रकार को ख़बर प्रकाशित किए जाने के बदले धमकाया जाना गलत है. साथ ही चिंता का भी विषय है. हम इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं साथ ही अगर कोई सरकारी अधिकारी इस मामले में संलिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं.”
EGI has written to @JharkhandCMO expressing concerns on threats made to chief editor of Prabhat Khabar in response to reports published in the paper. Urges CM to initiate inquiry, take action against all complicit, including govt officials, and ensure safety of the chief editor. pic.twitter.com/2tivUnPznE
— Editors Guild of India (@IndEditorsGuild) December 30, 2023
‘नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स-इंडिया’ (एनयूजेआई) ने भी इस मामले पर गहरी चिंता जताई. एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी ने कहा कि जेल के फोन नंबर से धमकी देना सीधे तौर पर राज्य सरकार की कार्यशैली पर गहरा प्रश्नचिह्न लगाता है। उन्होंने कहा कि सरकारी संरक्षण की वजह से अपराधियों और माफिया के हौसले बुलंद हैं।
वहीं, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, “प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने प्रभात खबर के प्रधान संपादक आशुतोष चतुर्वेदी को दी गयी धमकी पर चिंता व्यक्त करते हैं. हम झारखंड सरकार और झारखंड पुलिस से आग्रह करते हैं कि धमकियों पर गंभीरता से ध्यान दें.”
Press Club of India expresses concern over threats given to Prabhat Khabar’s Editor-in-Chief Ashutosh Chaturvedi.
— Press Club of India (@PCITweets) December 30, 2023
We urge the Jharkhand government and @JharkhandPolice to take serious note of the threats.@HemantSorenJMM @ranchipolice @prdjharkhand @JharkhandCMO
अब संपादक के खिलाफ ही मामला दर्ज
अभी सीआईडी द्वारा इस पूरे मामले की जांच चल ही रही है कि इस बीच झारखंड पुलिस ने गत 3 जनवरी को जेल में बंद जोगेंद्र तिवारी की शिकायत पर आशुतोष चतुर्वेदी के खिलाफ ही मामला दर्ज कर लिया.
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शिकायत में तिवारी ने आरोप लगाया कि चतुर्वेदी और उसके कुछ साथी उससे कुछ गलत काम करवाना चाहते थे. जब उसने मना कर दिया तो उसके खिलाफ फर्जी ख़बर प्रकाशित कर दी.
इस बीच प्रभात ख़बर अखबार ने बयान जारी कर कहा है कि वह निष्पक्ष रिपोर्टिंग जारी रखेगा.
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