
मणिपुर की राजधानी इंफाल में कथित तौर पर एक पत्रकार को कईं घंटों तक बंधक बनाए रखा गया. वरिष्ठ पत्रकार यम्बेम लाबा को कुछ अज्ञात लोगों ने बंदूक की नोक पर अगवा कर लिया. इसके बाद जब मंगलवार तड़के परिवार ने पुलिस को सूचना दी तो उन्हें कथित तौर पर कुछ घंटे बाद छोड़ दिया गया.
पत्रकार के भाई यम्बेम अंगम्बा के अनुसार, परिवार ने सुबह 7:30 बजे इंफाल पुलिस से संपर्क किया. जिसके कुछ घंटों बाद बंदूकधारियों ने लाबा को पुलिस स्टेशन में परिवार को सौंप दिया. उनकी रिहाई और अपहरणकर्ताओं की पहचान का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है.
यम्बेम लाबा को सोमवार शाम को एक टेलीविजन टॉक शो में भाग लेने के कुछ घंटे बाद अगवा किया गया था. लाबा, द स्टेट्समैन के विशेष संवाददाता हैं. बंदूकधारियों ने उन्हें लगभग सात घंटे तक बंधक बनाए रखा और सुबह 10:30 बजे छोड़ा.
मालूम हो कि लाबा बीते काफी वक्त से मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और राज्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर आलोचक रहे हैं. माना जा रहा है कि उनकी पत्रकारिता और सोशल मीडिया पोस्ट उनकी मुश्किलों का कारण बनीं.
हाल ही में बीरेन सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दिया है. कथित तौर पर बीरेन सिंह के खिलाफ सोमवार से शुरू होने वाले विधानसभा के बजट सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी थी.
इससे पहले भी लाबा पर हमले हो चुके हैं. कथित तौर पर कुछ वक्त पहले ही उनके घर पर गोलियां चलाई गई थीं और एक सोशल मीडिया पोस्ट को हटाने को लेकर धमकी दी गई थी. इस पोस्ट में लाबा ने सशस्र समूहों की आलोचना की थी.
इससे पहले बीते साल सितंबर में भी उन पर गोलियां चलाई गई थी. लेकिन वह तब बाल-बाल बच गए थे. उस वक्त भी लाबा ने इसे ‘राजनीतिक हमला’ बताया था. लाबा सिर्फ एक पत्रकार नहीं, बल्कि मणिपुर मानवाधिकार आयोग के पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष भी रह चुके हैं. बीते साल ही उन्होंने गुड गवर्नेंस पार्टी नामक राजनीतिक दल बनाया है.
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