
कर्नाटक पुलिस ने रिपब्लिक न्यूज़ के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी से हिसाब चुकता करने के लिए गैर-जिम्मेदाराना और लापरवाह तरीके से फर्जी खबर के मामले को लेकर मुकदमा दर्ज किया. ये कहना है कर्नाटक हाईकोर्ट का.
मालूम हो कि अर्णब गोस्वामी ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने के लिए कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द कर दिया.
बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक, कर्नाटक हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा गोस्वामी को गलत तरीके से फंसाए जाने की बात कही. साथ ही इसे कर्नाटक पुलिस की बड़ी लापरवाही करार दिया. कोर्ट ने यह भी कहा कि प्रसिद्ध होने के कारण गोस्वामी को जानबूझकर अपराध के जाल में फंसाया गया, जो कि स्पष्ट रूप से निराधार था.
कोर्ट ने यह भी सवाल किया कि गोस्वामी को इस मामले में क्यों फसाया गया, जबकि वह रिपब्लिक टीवी कन्नड़ के दिन-प्रतिदिन के कामकाज से जुड़े भी नहीं हैं?
गौरतबल है कि बीते साल रिपब्लिक टीवी कन्नड़ पर एक ख़बर प्रसारित हुई. जिसमें दावा किया गया कि बेंगलुरु के एमजी रोड पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के काफिले को रास्ता देने के लिए ट्रैफिक को रोका गया. जबकि सिद्धारमैया उस वक्त मैसूर में थे. इसके बाद गोस्वामी के खिलाफ फर्जी ख़बर का मामला दर्ज किया गया. कर्नाटक कांग्रेस के सदस्य रविंद्र एमवी की शिकायत पर यह एफआईआर दर्ज हुई थी.
गोस्वामी ने अदालत में बताया कि खबर गलत होने पर इसे तुरंत हटा लिया गया था. कोर्ट ने कर्नाटक पुलिस से यह सवाल किया कि गोस्वामी को इस मामले में क्यों फंसाया गया, जबकि वे रिपब्लिक टीवी कन्नड़ के रोजमर्रा के कामकाज से जुड़े नहीं थे.
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